बात महज टी आर पी की नही है लोग इस मामले में गलत छोर पकड़ रहे हैं!

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बात महज टी आर पी की होती तो न्यूज़ चैनल्स के पास बहुत से ऑप्शन्स थे।

वास्तविकता ये है कि सरदाना,दीपक अर्णव,रजत ,सुधीर ,सुरेश और बहुत सी महिला पत्रकार वास्तव में पत्रकार हैं ही नही।
ये सभी एक कथित सांस्कृतिक संगठन में दीक्षित(प्रशिक्षित) कठपुतलियां है जिनकी डोर किसी और के हाँथ में है।
उसके हाँथ में, जो बहुत लंबे इंतजार के बाद हाँथ आई सत्ता को किसी कीमत पर गवाना नही चाहते।
जाहिर है इस खेल में ये दीक्षित/प्रशिक्षित कठपुतलियां मोहरे भर हैं जिन्हें देशवाशियों के जनमुद्दों की बजाय १००% झूठ और नफरत फैलाने के लिए प्रशिक्षित कर समाचार प्रसार माध्यम (tv news channels) में बिठाया गया है।
ये कठपुतलियां ,स्वास्थ्य,शिक्षा और अर्थशास्त्र पर दो पंक्ति की बहस करवाने की कूबत नही रखते , क्योंकि इन्हें news channels पर सिर्फ अफवाह और नफरत फैलाने के लिए बैठाया गया है।
Jnu से सम्बंधित फर्जी वीडियो का मास्टर माइंड भी(वास्तव में निर्देशित) एक गोदी पत्रकार ही था जो आज देश के स्वयम्भू सबसे तेज चैनल का जाना -माना “दंगलबाज” है।
ये पत्तलकार खबरें गढ़ते है
“मरकज ने कोरोना फैलाया”
“2000 के नोट में चीप है”
जैसी हवा हवाई खबरें गढ़ने में दक्ष हैं।
याद करें एक वक्त जब केंद्र में दूसरी सरकार थी तब
ये कठपुतलियां आपकी थाली का गुणसूत्र बताते नही थकते थे।
वो बताते थे की बस तालिबान भारत से कुछ ही घण्टे की दूरी पर है और देश को बड़ा खतरा है।

न्यूज़ चैनल्स पर”महंगाई डायन” छाई रहती थी
और भ्रष्टाचार नामक राक्षसी!
ये दोनों आज ज्यादा मजबूत हैं,चौड़ी छाती और हेंकड़ी के साथ मौजूद हैं!!

मूल बात वही है
डोर किसी और के हाँथ है।
तो देखते हैं तो जमकर बर्बादी का तमाशा देखिये और उम्मीद पालिये की ये भांड सुधर जाएंगे!!

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