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Saturday, June 19, 2021

बंगाल में चुनाव करीब आते हि मुस्लिमो पर अत्यचार शुरु

नई दिल्ली | क्या क़ुरआन और उर्दू अरबी की किताबें जिहादी लिट्रेचर हैं? क्या इन्हें घर में रखना अपराध है? क्या देश में किसी मुसलमान का दाढ़ी रखना जुर्म है? क्या आप यक़ीन करेंगे कि कथित रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) ने घरों में रखी क़ुरआन, हदीस और अरबी की किताबों को जिहादी लिट्रेचर कहा है!

क्या आप यक़ीन करेंगे कि जिनके पास मल्टीमीडिया मोबाइल भी नहीं है वो व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाकर आतंकी गतिविधि संचालित करने का प्रयास कर सकते हैं?

क्या आप ये यक़ीन कर सकते हैं कि जिनके अकाउंट में 250 रुपय मात्र हो वो टेरर फंडिंग में संलिप्त हो सकते हैं?

क्या इलेक्ट्रीशियन की ड्रिल मशीन ख़तरनाक हथियार और उसका टूल बॉक्स हथियारों का ज़खीरा हो सकता है? क्या इलेक्ट्रीशियन की सेफ्टी जैकेट बुलेट फ्रूफ जैकेट हो सकती है?

बंगाल में मुर्शिदाबाद के अलग-अलग इलाकों से 19 सितंबर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अल क़ाएदा से जुड़े होने के आरोप में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. बंगाल के ही 3 अन्य को केरल के एर्नाकुलम से उसी दिन गिरफ्तार किया गया जो वहां मज़दूरी करते थे. बाद में मुर्शिदाबाद से 2 और गिरफ्तारियां हुईं. गिरफ्तार सभी 11 लोगों पर आतंकी घटना को अंजाम देने की कोशिश का आरोप है. हालांकि पीड़ित परिवारों ने इन सभी आरोपों को ख़ारिज करते हुए इसे बेबुनियाद बताया है.

NIA ने गिरफ्तार किए गए लोगों पर टेरर फंडिंग, जेहादी लिटरेचर, हथियार बरामदगी जैसे अन्य  संगीन आरोप लगाए हैं जबकि ग्राउंड रिपोर्ट और पीड़ित परिवारों के बयान कुछ अलग कहानी बयान करते हैं.

इंडिया टुमारो से बात करते हुए पीड़ित परिवारों ने NIA पर दरवाज़ा तोड़कर जबरन घर में घुसने, परिवार में बच्चों, औरतों और बूढों को मारने और धमकी देकर सादे कागज़ पर हस्ताक्षर लेने का आरोप लगाया है.

पीड़ित परिवारों ने NIA पर गिरफ्तार लोगों के परिवार, रिश्तेदार और दोस्तों को प्रताड़ित कर जबरन आरोपियों के विरुद्ध झूठा बयान देने और दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है.

सभी आरोपियों को पहले कोलकाता ले जाया गया था जो अब दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद हैं.

इंडिया टुमारो से बात करते हुए इन 11 लोगों में गिरफ्तार लियू येन अहमद के पीड़ित परिवार से अबुल कलाम ने बताया कि, “गिरफ़्तारी के दो महीने बाद भी हमारी मुलकात नहीं हो सकी है. हम बहुत गरीब हैं और बंगाल से दिल्ली आना हमारे लिए बहुत मुश्किल है.” 

सभी गिरफ्तार लोगों के घरों से क़ुरआन, हदीस, नमाज़ की किताबें मिली हैं जिसे NIA द्वारा जिहादी लिट्रेचर बताया गया है.

NIA ने गिरफ्तार किए गए लोगों के दाढ़ी रखने पर आपत्ति जताते हुए घर वालों से पूछ-ताछ भी की.

गिरफ्तार लोगों में अधिकतर के पास मल्टीमीडिया मोबाइल भी नहीं है मगर NIA ने व्हाट्सएप्प ग्रुप पर आतंकी गतिविधि संचालित करने की तैयारी का दावा किया है.

इंडिया टुमारो से बात करते हुए इन 11 लोगों में गिरफ्तार लियू येन अहमद, उम्र 36 वर्ष के परिवार ने बताया कि वह इलेक्ट्रीशियन है और दोमकल बसंतपुर कालेज में इलेक्ट्रिक का काम करता है. उसके पास एक टूल बॉक्स और एक सेफ्टी कोट है जिसे काम करते हुए पहनता है. NIA ने इसकी ड्रिल मशीन को ख़तरनाक हथियार और टूल बॉक्स को हथियार का ज़खीरा बताया है.

इसी प्रकार गिरफ्तार हुए लोगों में एक मुर्शिद हसन हैं जिसकी उम्र 25 वर्ष है. मुर्शिद, केरल के एर्नाकुलम में पिछले एक साल से मज़दूरी करता है. NIA ने मुर्शिद हसन को मास्टरमाइंड और बंगाल में अलकाएदा का प्रमुख बताया है जबकि परिवार के मुताबिक वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उसकी कोई शिक्षा नहीं हुई है.

फैक्ट फाइंडिंग टीम के अनुसार सभी गिरफ्तार हुए लोग बहुत ही गरीब परिवार से हैं, किसी के बैंक से भी लाखों का ट्रांज़ेक्शन नहीं हुआ और गाँव में किसी ने भी आरोपियों के बारे में कोई नकारात्मक राय नहीं दी. किसी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं है.

कुछ के अकाउंट में राज्य सरकार की तरफ से घर बनाने के लिए 50,000 रुपय आये जिसे टेरर फंडिंग से जोड़ दिया गया है.

गिरफ्तार लोगों में एक कालीनगर मध्यापारा गाँव के रानीनगर इलाके का 45 वर्षीय अबू सुफियान हैं जो पेशे से एक टेलर है. सुफियान का सबसे बड़ा 15 वर्षीय बेटा वेल्डिंग का काम करता है. NIA की टीम ने रात 2:30 पर सुफियान के घर का दरवाज़ा तोड़कर घर में घुसी और परिवार के सदस्यों को कथित रूप से मारा पीटा.

सुफियान के घर टॉयलेट के चैम्बर के लिए एक बड़ा गड्ढा खोदा गया था जिसे NIA द्वारा सुरंग बताया गया है.

अबू सुफियान के बैंक डिटेल्स बताते हैं कि उसके अकाउंट से 6000 रूपए से अधिक कहीं भी ट्रांसफर नहीं हुआ है मगर NIA ने टेरर फंडिंग और लाखों के ट्रांसज़ेक्शन का आरोप लगाया है.

सुफियान के घर रखी वेल्डिंग मशीन को NIA ने ज़ब्त किया है जिसे उसका वेल्डिंग के काम में इस्तेमाल करता था.

इसी प्रकार गिरफ्तार लोगों में मुर्शिदाबाद के दोमकल के 34 वर्षीय अल माऊन भी है जो पिछले दो सालों से केरल में मज़दूरी करते थे. NIA ने माऊन को गिरफ्तार कर टेरर फंडिंग का आरोप लगाया है जबकि उनके अकाउंट के सिर्फ 250 रुपय पाया गया.

केरल से गिरफ्तार 29 वर्षीय मैनुल मोंडल बंगाल के मुर्शिदाबाद के मधुबन गाँव के रहने वाला है. वह अपने 3 भाइयों के साथ केरल के एर्नाकुलम में एक होटल में काम करता था. 19 सितंबर को NIA टीम उसे उसके कमरे से गिरफ्तार किया और कथित रूप से उसे बुरी तरह मारा. गिरफ़्तारी का कोई कारण नहीं बताया गया. मैनुल मंडल दाढ़ी रखता है और पांचो वक्त की नमाज़ पढ़ता है.

परिवार का दावा है कि मैनुल मंडल के अकाउंट से भी किसी भी तरह के पैसों का कोई बड़ा ट्रांज़ेक्शन नहीं हुआ है.

इंडिया टुमारो से बात करते हुए मैनुल के भाई इनामुल ने बताया कि, “मैनुल पर कभी कोई केस नहीं हुआ, उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. गाँव में किसी से भी मैनुल के बारे में आप बात कर लें तो वो उसके बारे में कोई गवाही देंगे कि मैनुल का व्यवहार कैसा था. मेरे भाई को गलत फसाया गया है.”

गिरफ्तार 11 लोगों में एक 22 वर्षीय छात्र नज्मुस्साकिब भी है जो मुर्शिदाबाद के गंगादास पारा गांव के दोमकल थाना क्षेत्र का रहने वाला है. वह कम्पुटर साइंस से ग्रेजुएट है. नज्मुस्साकिब पांचों वक़्त की नमाज़ पढ़ता है और उसकी दाढ़ी भी है. NIA ने सुबह उसे उसके घर से गिरफ्तार किया और उसका लैपटॉप तोड़ दिया. NIA ने साकिब की माँ से सवाल किया कि उसने दाढ़ी क्यों रखी है.

यह भी आरोप है कि व्हाट्सएप्प ग्रुप के माध्यम से अल्कायेदा से संपर्क में थे जबकि गिरफ्तार लोगों में अधिकतर के पास एंडरोएड मोबाइल नहीं होने का परिवार के तरफ से दावा किया जा रहा है.

इन गिरफ्तारियों को लेकर एनआईए ने अलकायदा के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया था.

यह भी दावा किया गया था कि सभी लोग अल-कायदा के पाकिस्तान प्रायोजित मॉड्यूल से जुड़े थे. इनके पास से कई डिजिटल उपकरण, धारदार हथियार सहित बड़ी मात्रा में अन्य चीजें बरामद हुई हैं. 

दावा किया गया था कि सोशल मीडिया के जरिये पाकिस्तान स्थित अलकायदा के आतंकियों ने इन्हें कट्टरपंथी बनाया. पाकिस्तान में बैठे आतंकियों ने इन्हें दिल्ली सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर अटैक करने के लिए उकसाया था.

एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) , APDR और बंदी मुक्ति मोर्चा की एक संयुंक्त टीम फैक्ट फाइंडिंग के लिए मुर्शिदाबाद के पीड़ित परिवारों से मुलाक़ात कर दावों का जाएज़ा लिया है.

APCR पश्चिम बंगाल के सैफ अली जो फैक्ट फाइंडिंग टीम का हिस्सा थे ने इंडिया टुमारो को बताया कि, “NIA द्वारा गिरफ्तार सभी आरोपियों के घर में घुसकर मार-पीट की गई फिर सादे कागज़ पर हस्ताक्षर लिए गए. परिवार को यह भी नहीं बताया गया कि उन्हें क्यों गिरफ्तार किया जा रहा है और कहां ले जाया जा रहा.”

सैफ ने बताया, “गिरफ्तार लोगों में मुर्शिद हसन को NIA मास्टरमाइंड साबित करते के लिए उसके परिवार, रिश्तेदार और दोस्तों को घर से उठाकर BSF कैम्प में प्रताड़ित कर उन्हें गवाही देने का दबाव बना रही है कि मुर्शिद आतंकी गतिविधि में लिप्त था. कुछ रिश्तेदारों से बयान लिए भी गए हैं और कुछ को अभी भी बयान देने के लिए प्रताड़ित किया जा रहा.”

एपीसीआर के नेशनल कोआर्डिनेटर एडवोकेट शोएब इनामदार ने इंडिया टुमारो को बताया कि पीड़ित परिवारों को एपीसीआर के माध्यम से क़ानूनी सहायता प्रदान की जा रही है.

उन्होंने बताया कि, “दिल्ली में तिहाड़ में बंद अपने परिवार के सदस्यों से मिलने आए पीड़ित परिवारों की उनसे मुलाक़ात कराने का प्रयास जारी है. पीड़ित परिवारों के लिए जो भी कानूनी सहयता होगी APCR उसे पूरा करने की हरसंभव कोशिश करेगा.”

इन गिरफ्तारियों पर सम्बंधित गाँव के लोगों का कहना है कि सभी बहुत ही नेक और विनम्र थे और किसी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. गाँव के लोग NIA की स्क्रिप्ट पर नाराज़गी ज़ाहिर कर रहे हैं.

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